संध्यावंदन और गायत्री मंत्र “ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न:...
प्रदीप शुक्ला
सम्पादक की ओर से जनमैत्री के बढ़ते सफर और लेखकों, रचनाकारों के आत्मीय सहयोग...
सम्पादक की ओर से पाठकों के लगाव और कलमकारों की आत्मीयता के बल पर...

