“कंठ में जिसके गरल है वही गा पाता है” सम्मोहक गीतकार आत्म प्रकाश शुक्ल...
प्रेम त्रिपाठी
निदेशक की कलम से “भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, यह जीता जागता...
बासठ का भारत-चीन युद्ध और पहला रजत पदक गुरुवर विष्णुकांत शास्त्री कहा करते थे...

